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सोमवार, 15 जून 2015

संजा लोकोत्सव: विविधरंगी लोक और जनजातीय कला प्रदर्शन

संजा लोकोत्सव : उज्जैन में प्रतिकल्पा द्वारा आयोजित संजा लोकोत्सव के अंतर्गत 15 से 21 सितम्बर 2014 तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, [भारत सरकार], नागपुर के सौजन्य से लोक यात्रा, संजा- मांडना स्पर्धा, कला सम्मान और विविधरंगी लोक और जनजातीय कला प्रदर्शन किये गए। महाराष्ट्र का बंजारा नृत्य, गुजरात का सिद्दी धमाल, राजस्थान का कालबेलिया नृत्य, लांगा गायन, डिंडौरी [मध्यप्रदेश] का सैला कर्मा, मालवा का माच, कानग्वालिया नृत्य, गणगौर, संजा गीत आदि रम्य- रंजनकारी सिद्ध हो रहे हैं। इस अवसर पर डॉ शैलेन्द्रकुमार शर्मा, श्री वानखेडे [नागपुर], डॉ शिव चौरसिया, संस्थाध्यक्ष श्री गुलाबसिंह यादव और सचिव डॉ पल्लवी किशन विभिन्न प्रान्तों के कलाकारों के साथ दीपदीपन करते हुए, नृत्यगुरू श्री हीरालाल जौहरी के सम्मान और विविध प्रस्तुतियों की छबियाँ पेश हैं । इसी कड़ी में 21 सितम्बर को राष्ट्रीय संगोष्ठी कालिदास संस्कृत अकादेमी में संयोजित हुआ। जिसमें डॉ पूरन सहगल, डॉ मणिमोहन चवरे, डॉ शिव चौरसिया, डॉ श्रीकृष्ण जुगनू, डॉ शैलेन्द्रकुमार शर्मा,   डॉ लक्ष्मीनारायण पयोधि, डॉ जगदीशचन्द्र शर्मा , डॉ पल्लवी किशन , डॉ सरिता मैकहार्ग , डॉ राजेश रावल सुशील , सन्दीप सृजन , डॉ अनिल जूनवाल आदि सहित कई संस्कृतिकर्मी शामिल रहे।







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